National

कोरोना काल में प्राधिकरण की ऑनलाइन सेवा पर असर, 11सौ आवेदन लंबित

ग्रेटर नोएडा, 19 मई (एजेंसी)।
कोविड-19 के महामारी के दौर में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का काम-काज भी
प्रभावित हो रहा है। जनता द्धारा की जा रही ऑनलाइन शिकायतें भी अटकी पड़ी है। इस संबंध में सीईओ नरेन्द्र
भूषण ने वीसी बैठक कर लम्बित ऑनलाइन आवेदनों को एक सप्ताह में पूरा करने के निर्देश संबंधित विभाग के
अधिकारियों व कर्मचारियों को दिए हंै।
वीसी बैठक में सीईओ ने कोरोना-वायरस महामारी में प्राधिकरण द्वारा विभिन्न स्थानों पर किये जा रहे
सैनिटाइजेशन एवं साफ सफाई कार्यो, ऑक्सीजन की आपूर्ति के साथ-साथ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा विभिन्न
विकास कार्यो, नई योजनाओं को लाने, आॅनलाईन सर्विसेज तथा अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों को गति प्रदान किये
जाने की समीक्षा एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में सीईओ ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जा
रही ऑनलाइन सर्विसेज की वस्तुस्थिति, लम्बित प्रकरण तथा निस्तारण आदि की समीक्षा की गयी। जिसमें ग्रेटर
नोएडा प्राधिकरण के विभिन्न विभागों के लगभग 1100 लम्बित ऑनलाइन आवेदनों के समाधान के लिए विशेष
अभियान चलाते हुए सभी आवेदनों को एक सप्ताह में निस्तारित करने को संबंधित अधिकारियों को आदेशित
किया। सीईओ ने कहा कि यदि संबन्धित विभाग द्वारा निर्धारित समय अवधि में लम्बित प्रकरण का निस्तारण
नहीं कराया जाता है तो संबन्धित अधिकारी व कर्मचारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी।
बैठक में सीईओ ने सभी विभागाध्यक्षों को नई योजनाओं के संबंध में आवश्यक तैयारी करते हुए तथा प्रस्तावित
योजनाओं की नियम व शर्ते तैयार कर यथा शीघ्र अनुमोदन हेतु प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिससे कि प्राधिकरण
द्वारा संस्थागत, औद्योगिक, बिल्डर्स आवासीय व ग्रुप हाउसिंग, वाणिज्यिक तथा आवासीय निर्मित भवनों आदि
नई योजनाएं यथाशीघ्र इसे प्रकाशित कराया जाए। जिससे कि संबंधित व्यक्ति, बिल्डर व आवेदक संबंधित
योजनाआंे में अपनी आवश्यकता अनुसार भूखण्ड व निर्मित भवन आदि प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकें।
उन्होंने बताया कि सर्वप्रथम प्राधिकरण द्वारा औद्योगिक भूखण्डों के आवंटन की योजना लायी जायेगी। समीक्षा
बैठक में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीप चन्द्र, विशेष कार्यधिकारी सचिन कुमार, व एसपी शुक्ला, महाप्रबंधक
(वित्त) एचपीवर्मा, महाप्रबंधक (परियोजना) एके अरोडा, महाप्रबंधक (नियोजन) श्रीमती मीना भार्गव, उप-महा प्रबंधक
(सिस्टम) चन्द्रकान्त त्रिपाठी तथा स्वास्थ्य, परियोजना एवं एसेट विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button