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कोविड-19 और इससे जुड़ा असह्य दर्द

-डॉ. अमोद मनोचा-
कोरोना वायरस का नाम वायरस (कोरोना- लैटिन शब्द क्राउन से बना है) के प्रसार बढ़ने से उभरा है, जब इसे
माइक्रोस्कोप से देखा गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 11 मार्च 2020 को कोविड-19 विस्फोट को वैश्विक महामारी
घोषित किया और एक साल बीत जाने के बाद भी हम इस वायरस के रहस्यों को तलाश रहे हैं। पिछले एक साल
के अंदर चिकित्सा की दुनिया में बहुत कुछ बदल चुका है, जिसमें कोविड-19 को देखने का हमारा नजरिया भी
शामिल है। अब हमारे पास यह मान लेने के पर्याप्त सबूत हैं कि कोविड-19 न सिर्फ फेफड़ों को जकड़ लेता है
बल्कि यह एक जटिल मल्टीसिस्टम बीमारी है।
अब यह एक आम धारणा बन गई है कि यदि कोई कोविड संक्रमण की चपेट में आता है तो उसे रिकवर होने में
संभवतया दो से तीन सप्ताह लग जाते हैं या उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है या गंभीर मामलों में उसकी
मौत तक हो जाती है। इसके विपरीत कुछ लोगों के लिए कोविड-19 संक्रमण कुछ सप्ताह तक बने रहने से अलग
कुछ नहीं है, बल्कि लंबे समय तक और कई बार लक्षणों के कमजोर होने तक बीमारी बनी रहती है। इसे लॉन्ग
कोविड के नाम से जाना जाता है और सोशल मीडिया के जरिये मरीजों द्वारा इस बीमारी को दिया गया पहला
नाम है। इसकी डायग्नोसिस ने कोविड के बारे में क्लिनिकल और सरकारी अनुमानों को चुनौतीपूर्ण बना दिया है
और अनिश्चितता की स्थिति बना दी है।
लॉन्ग कोविड में लगातार दर्द और थकान भी एक लक्षण है। इस लेख में हम कोविड-19 संक्रमण और दर्द के बीच
संबंधों की चर्चा कर रहे है जिसमें गंभीर कोविड-19 की स्थिति में दर्द और लॉन्ग कोविड-19 के संक्रमण के बाद
होने वाले दर्द को भी शामिल किया गया है।
एक्यूट कोविड-19 संक्रमण से जुड़ा दर्द
कोविड-19 संक्रमण के लक्षणों की सूची में मांसपेशियों में दर्द और थकान (44 फीसदी) अन्य लक्षणों से अलग नहीं
है, मसलन बुखार (98 फीसदी), कफ (76 फीसदी) और दम फूलना (55 फीसदी)। तथाकथित मामूली कोविड-19
मामलों में भी बहुत ज्यादा सिरदर्द, शरीर में दर्द और अत्यंत थकान जैसे कष्टदायी लक्षणों से परेशानी बढ़ सकती
है। कई अध्ययनों से पता चला है कि एक्यूट संक्रमण के दौरान सामान्य तौर पर जो दर्द उभरते हैं, वे इस प्रकार हैं

• मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द 1.5 – 61 फीसदी
• सिरदर्द 1.7 – 33.9फीसदी
• गले में सूजन 0.7 – 47.1फीसदी
• सीने में दर्द 1.6 – 17.7फीसदी
• पेट में दर्द 1.9 – 14.5फीसदी
मौसमी फ्लू जैसे वायरल संक्रमण में भी सामान्य सूजन, दर्द और थकान देखे जाते हैं। कोविड-19 में दर्द पूरे शरीर
में फैल जाता है या व्यायाम के बाद जिस तरह सूजन होता है, वैसा ही महसूस होता है। यह दर्द हालांकि शरीर के
किसी एक हिस्से में नहीं रहता और इसे ठीक होने में लंबा समय लगता है। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि
शुरुआती चरणों में जोड़ों के मुकाबले मांसपेशियों में ज्यादा दर्द रहता है।
कई तरह की शारीरिक संरचना के कारण भी इस तरह के दर्द उभर सकते हैं जिसमें वायरस के कारण सूजन,
मांसपेशियों की क्षति और रक्तनलिकाओं में ब्लॉकेज आदि शामिल हैं। इनकी वजह अभी तक पता नहीं चल पाई
है। इनके अलावा तनाव और उदासी के कारण भी किसी व्यक्ति में यह दर्द उभर सकता है।
कोविड-19 संक्रमण के बाद लगातार दर्द
इटली में कोविड-19 लक्षणों के शुरू होने के 60 दिन बाद लगातार ऐसे लक्षणों वाले 143 मरीजों पर अध्ययन किया
गया। 87.4 फीसदी मरीजों ने इनमें से किसी एक लक्षण के लगातार बने रहने की शिकायत की जबकि 55 फीसदी
मरीजों को 3 या इससे ज्यादा लक्षण बने रहे। इन लक्षणों में थकान (53.1 फीसदी), दम फूलना (43.4 फीसदी),
जोड़ों का दर्द (27.3 फीसदी) और सीने में दर्द (21.7 फीसदी) शामिल हैं। लगभग 44.1 फीसदी मरीजों के जीवन
की गुणवत्ता पर इसका असर पड़ा।
चीन में डिस्चार्ज किए गए 1733 मरीजों पर छह महीने बाद एक अध्ययन किया गया। 76 फीसदी मरीजों में कम
से कम एक लक्षण जरूर पाया गया- थकान/कमजोरी (63फीसदी), सोने में तकलीफ (26 फीसदी), बाल झड़ना (22
फीसदी), गंध और स्वाद (11 और 9 फीसदी) में कमी और चलने-फिरने में तकलीफ (7फीसदी)।
इन अध्ययनों में गंभीर चरण से उबरने के बाद भी कोविड के प्रभाव को दिखाया गया है। अन्य सामान्य लक्षणों में
एकाग्रता में कमी, याददाश्त की कमी, चिंता और अवसाद शामिल हैं। लगातार बनी रहने वाली इन समस्याओं को
पोस्ट-एक्यूट-कोविड-19 सिंड्रोम या लॉन्ग कोविड-19 नाम दिया गया है जो विभिन्न अध्ययनों के मुताबिक 10-70
फीसदी मामलों में देखे गए हैं। लॉन्ग कोविड के लिए जिम्मेदार शारीरिक संरचना को लेकर अनिश्चितता की स्थिति
है। इनमें से कुछ संभावित कारणों में प्रतिरोधी क्षमता में कमी, वायरस से पुन: संक्रमित होना, जलन और इम्युन
सिस्टम में लंबे समय तक बदलाव, कई अंगों में तकलीफ और बीमारी से उबरने के बाद तनाव की स्थिति शामिल
हैं।
कोविड-19 संक्रमण के साथ ही कुछ प्रकार के अर्थराइटिस की स्थिति भी बिगड़ जाती है और यह भविष्य में इसका
असर देखा गया है। अभी कई प्रकाशित केस रिपोर्ट में कोविड-19 संक्रमण के बाद टांगों के निचले हिस्से में

अर्थराइटिस के लक्षण और हाथ के जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण देखे गए हैं। इनमें से कुछ मरीजों को एंटी-इंफ्लेमेटरी
दवाओं और जोड़ों के दर्द से निजात पाने के लिए इंजेक्शन लेने का लाभ मिला है।
लॉन्ग कोविड का प्रबंधन
कोविड से पूरी तरह निजात पाने के लिए किसी खास उपचार को लेकर अभी सीमित साक्ष्य उपलब्ध हैं। जैसे-जैसे
कोविड-19 से उबरने वाले मरीजों की संख्या बढ़ती जाती है और शोध के साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, हम इस सवाल
का बेहतर जवाब देने में सक्षम हो पाएंगे। हालांकि कई मरीज समग्र सहायता, आराम, लक्षण आधारित उपचार तथा
गतिविधियों में धीरे-धीरे वृद्धि करते हुए सहज रूप से ठीक हो जा रहे हैं। चूंकि इसके लक्षणों में बहुत बड़ा अंतर
देखा गया है, व्यक्तिगत स्तर पर उपचार प्रक्रिया की अहम भूमिका हो सकती है।
आप आराम और सक्रियता में संतुलन बनाते हुए, वजन पर नियंत्रण रखते हुए पौष्टिक खानपान, धूम्रपान का
त्याग, अल्कोहल और कॉफी का सीमित सेवन, अच्छी नींद, अवसाद, चिंता और तनाव पर नियंत्रण करते हुए
संवेदनशील लाइफस्टाइल में बदलाव ला सकते हैं। यदि कोई लक्षण अस्पष्ट भी रहे तो विटामिन जैसे सप्लीमेंट की
सुरक्षित रहने में अहम भूमिका हो सकता है।

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