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”तारक मेहता” के ”टप्पू” ने पापा के लिए लिखा भावुक पोस्ट, सोनू सूद को शुक्रिया अदा कर कही यह बात

मुंबई, 14 मई (एजेंसी)।

तारक मेहता का उल्टा चश्मामें टप्पू का रोल निभाने वाले ऐक्टर भव्या गांधी के पिता
का हाल ही कोरोना से निधन हो गया था। निधन के कुछ दिन बाद भव्या की मां ने एक इंटरव्यू में बताया था कि
कैसे भव्या गांधी, पापा के इलाज के लिए महीने भर अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर काटते और कैसे दवाइयों के
लिए दोगुनी रकम अदा की।
अब भव्या गांधी ने पापा को याद करते हुए इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट लिखा है। इसमें भव्या गांधी ने
सोनू सूद समेत उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया है, जिन्होंने उनके पापा के लिए दवाइयों से लेकर अन्य
चीजों को दिलवाने में मदद की।
भव्या गांधी ने लिखा है, मेरे पापा को 9 अप्रैल को कोविड हुआ था और तभी से उनकी दवाई चल रही थी। वह
लगातार डॉक्टरों की निगरानी में थे। वह अपनी पूरी ताकत से कोविड से लड़े। आखिरी सांस तक वह एक राजा की
तरह कोविड से जंग लड़े। मेरी लाइफ में आज तक जो भी अच्छा हुआ है, उसकी वजह वो थे, हैं और हमेशा रहेंगे।
भव्या गांधी ने आगे लिखा है, मैं आप सभी से रिक्वेस्ट करता हूं कि प्लीज वैक्सीन लगवा लें। किसी भी तरह की
कहानियों पर विश्वास न रहें। वैक्सीन लगवा लें। इस जानलेवा वायरस को मात देने का एक यही रास्ता है।
भव्या गांधी ने अपने पोस्ट में उन सभी डॉक्टरों का शुक्रिया अदा किया है, जिन्होंने उनकी मदद की। सारी चीजों
का इंतजाम करवाने में मदद के लिए भव्या गांधी ने सोनू सूद का भी शुक्रिया अदा किया है। भव्या गांधी ने लिखा,
मैं सभी डॉक्टरों, नर्सों और उन सभी अस्पतालों के स्टाफ का शुक्रिया अदा करता हूं जहां-जहां मेरे पापा ऐडमिट थे।
सोनू सूद सर, राकेश कोठारी, नरेंद्र हिरानी, पिनाकिन शाह और Dharpesh Chhajed सभी चीजें उपलब्ध करवाने
के लिए आप सभी का शुक्रिया। मेरी फैमिली, मेरी एक्सटेंडेड फैमिली शुक्रिया कि उन्होंने इस वक्त में सपॉर्ट किया।
आप सभी की प्रार्थनाओं और आशीर्वाद के लिए शुक्रिया। मैं जानता हूं कि पापा आप जहां भी हो वहां खुश हो।
सबकुछ सिखाने के लिए थैंक्यू पापा। आई लव यू ।
वहीं स्पॉटबॉय को दिए एक इंटरव्यू में भव्या गांधी की मां ने पति की दर्दनाक मौत का भयावह मंजर बयां करते
हुए बताया था कि अस्पताल में भर्ती करवाने से लेकर दवाइयों तक का अरेंजमेंट करने में उन्हें बहुत मुश्किलें आईं।
रेमडेसिविर जैसे इंजेक्शन के लिए उन्हें दोगुनी कीमत चुकानी पड़ीं। वहीं टॉक्सिन नाम का इंजेक्शन उन्हें दुबई से
एक लाख रुपये में मंगवाना पड़ा था। 2-3 अस्पतालों के चक्कर काटकर जब भव्या गांधी, पापा को लेकर
कोकिलाबेन अस्पताल पहुंचे तो वहां डॉक्टरों ने यह कहकर ऐडमिट करने से मना कर दिया कि पहले बीएमसी के
पास रजिस्ट्रेशन करवाना होगा और जब नंबर आएगा तब मरीज को ऐडमिट करेंगे। जैसे-तैसे भव्या गांधी ने मां के
साथ मिलकर डॉक्टरों से मिन्नतें करके पापा को वहां ऐडमिट करवाया, पर 11 मई को उनका निधन हो गया।

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