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दिल्ली में ब्लैक फंगस के रोगियों के इलाज के लिए विशेष केंद्र बनाये जाएंगे : केजरीवाल

नई दिल्ली, 20 मई (एजेंसी)।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि दिल्ली सरकार
के तीन अस्पतालों में ब्लैक फंगस या म्यूकरमाइकोसिस के इलाज के लिए विशेष केंद्र बनाये जाएंगे। केजरीवाल ने
यहां एक बैठक में अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों पर विचार-विमर्श करने के बाद
यह घोषणा की।

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उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ब्लैक फंगस बीमारी की रोकथाम और इलाज के लिए बैठक में कुछ अहम निर्णय लिए। ब्लैक
फंगस के इलाज के लिए लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल, गुरु तेग बहादुर अस्पताल और राजीव गांधी सुपर
स्पेशियलिटी अस्पताल में केंद्र बनाये जाएंगे।’’ केजरीवाल ने कहा कि इस बीमारी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली
दवाओं का पर्याप्त मात्रा में प्रबंध किया जाएगा और बीमारी से बचाव के उपायों को लेकर लोगों में जागरूकता
फैलाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने हिंदी में अपने ट्वीट में लिखा, ‘‘हमें इस बीमारी को बढ़ने से भी रोकना है
और जिन्हें ये बीमारी हो रही है उन्हें जल्द से जल्द बेहतर इलाज देना है।’’
कोरोना मरीजों में यह दूसरी खतरनाक बीमारी ब्लैक फंगस की रोकथाम को लेकर दिल्ली सरकार ने कमर कस ली
है। सीएम अरविंद केजरीवाल स्वयं इस पर नजर बनाए हुए हैं और इसकी रोकथाम को लेकर डॉक्टर्स व विशेषज्ञों
से सलाह ले रहे हैं। इसी संबंध में मुख्यमंत्री ने आज अपने आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी,
डॉक्टर्स और विशेषज्ञ शामिल हुए। बैठक में ब्लैक फंगस की रोकथाम को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में विचार-विमर्श कर निर्णय लिया गया कि दिल्ली में ब्लैक फंगस के आने वाले मरीजों के इलाज के लिए
अलग से डेडिकेटेड ट्रीटमेंट सेंटर बनाया जाएगा। सीएम अरविंद केजरीवाल ने एलएनजेपी, जीटीबी और राजीव गांधी
अस्पताल में यह डेडिकेटेड ट्रीटमेंट सेंटर बनाने के निर्देश दिए। सीएम ने तीनों अस्पतालों में ब्लैक फंगस के मरीजों
के इलाज के लिए डॉक्टर्स की एक-एक टीम बनाने के निर्देश भी दिए। इस टीम में ईएनटी समेत अन्य विशेषज्ञ
डॉक्टर शामिल होंगे। यह टीम अपने सेंटर पर ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज पर निगरानी रखेगी।
वहीं, दिल्ली सरकार ब्लैक फंगस के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए जल्द ही दिशा निर्देश जारी करेगी और
लोगों को बताया जाएगा कि ब्लैक फंगस से कैसे बचा सकता है। इस बीमारी से बचाव के जितने भी उपाय हैं,
उसके बारे में लोगों को बताया जाएगा, ताकि जो लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं, उन लोगों को इस बीमारी से
बचाया जा सकें। डॉक्टर्स ने ऐसे मरीजों को सुझाव दिया कि ब्लैक फंगस के लक्षण दिखाई देने पर मरीज को
तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बगैर डॉक्टर की सलाह के दवा नहीं लेनी चाहिए।
बैठक में विचार-विमर्श किया गया कि देश की राष्ट्रीय राजधानी होने की वजह से दिल्ली में ब्लैक फंगस का इलाज
कराने वाले मरीजों की संख्या अधिक हो सकती है। इसके मद्देनजर निर्णय लिया गया कि इस बीमारी से संबंधित
दवाओं का पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था की जाए। केंद्र सरकार से ब्लैक फंगस के इलाज के लिए दवाइयों का जो कोटा
दिल्ली का है, उसे भी जल्द से जल्द प्राप्त करने के निर्देश दिए गए, ताकि दिल्ली में ब्लैक फंगस के आने वाले
मरीजों को समय से बेहतर इलाज दिया जा सके। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ब्लैक फंगस के
मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाओं के इंतजाम की कार्रवाई तेज कर दी गई है।

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