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भारत में स्मार्टफोन, लैपटॉप हो सकते हैं महंगे

नई दिल्ली, 16 मई (एजेंसी)।
अमेरिकी, चीनी और कोरियन कंपनियों द्वारा चीन में बने डिवाइस के आयात के
लिए सरकार के पास 80 आवेदन छह महीने से अधिक समय से लंबित हैं। इस वजह से अगले कुछ ‎दिनों में भारत
में स्मार्टफोन, टेबलेट और लैपटॉप की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है और ये महंगे हो सकते हैं।उद्योग जगत
के सूत्रों के अनुसार पिछले साल नवंबर से ही इस तरह के कंपोनेंट के आयात से संबंधित आवेदन लंबित हैं।
स्मार्टफोन और लैपटॉप बनाने वाली कंपनियां चीन से जिन से सामानों का आयात करती हैं उनमें वाईफाई माड्यूल,
ब्लूटूथ स्पीकर, वायरलेस इयरफोन आदि शामिल हैं। स्मार्टफोन, स्मार्ट वॉच और लैपटॉप आदि बनाने में वाईफाई
मॉड्यूल का इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी आयात की अनुमति देने में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया
जा रहा है। इस वजह से अमेरिकी कंप्यूटर निर्माता कंपनी डेल और एचपी के साथ चीन की स्मार्टफोन कंपनी
शाओमी, ओपो, विवो और लेनोवो अपने नए प्रोडक्ट की लॉन्चिंग डेट आगे बढ़ा रही हैं। आरोप है कि भारत सरकार
के दूरसंचार मंत्रालय के वायरलेस प्लैनिंग एंड कोऑर्डिनेशन विंग ने इस तरह के आवेदन को नवंबर से ही मंजूरी
नहीं दी है।
इस मामले से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी है। वह इन आवेदनों पर अनुमति देने के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। कई
भारतीय कंपनियां भी इस तरह के कंपोनेंट का चीन से आयात करती हैं, उनके भी आवेदन लंबित पड़े हुए हैं। इस
बारे में डेल , एचपी, शाओमी, ओपो, विवो और लेनोवो ने कमेंट करने से इंकार कर दिया है। भारत सरकार के
दूरसंचार मंत्रालय ने भी इस मसले पर कुछ बोलने से इंकार कर दिया है। सूत्रों ने कहा है कि उद्योग जगत की
संस्था और स्मार्टफोन एवं लैपटॉप बनाने वाली कंपनियों के प्रतिनिधि मंडल ने सरकार से मिलकर इस मामले पर
कार्रवाई करने की मांग की थी, लेकिन अब तक सरकार ने इस बारे में कुछ नहीं किया है। भारत में कोरोना संकट
बढ़ने के मद्देनजर पिछले साल मार्च से ही स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए थे। इस वजह से पढ़ाई कर रहे बच्चों
को लैपटॉप स्मार्टफोन और टेबलेट की जरूरत अधिक पढ़ रही थी।

चीन से आयात कम करने की कोशिश की वजह से फिनिश्ड प्रोडक्ट के आयात को मंजूरी नहीं देने के आरोप लग
रहे हैं। इस वजह से देश में स्मार्टफोन और लैपटॉप की कीमत में भी इजाफा हो सकता है और आने वाले समय में
इस की किल्लत भी हो सकती है। चीन से आयात को लगातार कम करने की कोशिश की जा रही है। भारत सरकार
ने लद्दाख में चीन सीमा पर हुई एक हिंसक झड़प में भारत के जवानों के मारे जाने के बाद चीन से आयात पर
घोषित और अघोषित प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसके बाद से ही कई कमोडिटी के आयात पर सीमा शुल्क में भारी
वृद्धि की गई है। भारत सरकार ने देश में कारोबार कर रही चीनी कंपनियों पर कई शर्त लगा दी है। इसके साथ ही
फिनिश्ड प्रोडक्ट के इंपोर्ट को पूरी तरह बैन करने से संबंधित कदम उठाये जा रहे हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी ने देश को आत्मनिर्भर बनाने की बड़ी योजनाएं बनाई हैं। चीन से फिनिश्ड प्रोडक्ट के आयात पर इसी वजह
से प्रतिबंध लगाया जा रहा है।

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