National

हेमंत बिस्वा सरमा होंगे असम के नए मुख्यमंत्री, विधायक दल की बैठक में हुआ फैसला

नई दिल्ली, 09 मई(एजेंसी)

असम के नए मुख्यमंत्री के तौर पर हिमंत बिस्व सरमा के नाम का ऐलान कर
दिया गया है। बीजेपी में शनिवार से जारी बैठकों के दौर के बाद आज सरमा के नाम पर मोहर लगा दी गई।
असम का पर्यवेक्षक बनाकर भेजे गए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने विधायक दल की बैठक के बाद यह
जानकारी देते हुए बताया कि सरमा कल यानी सोमवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सरमा के नाम का प्रस्ताव रखा और
भाजपा के प्रदेश पार्टी अध्यक्ष रंजीत कुमार दास और हाफलांग से नव निर्वाचित विधायक नंदिता गार्लोसा ने इस
प्रस्ताव का समर्थन किया। चूंकि और किसी के नाम का प्रस्ताव नहीं रखा गया तो 'सरमा को भाजपा विधायक दल
का नेता सर्वसम्मति से चुन लिया गया है।' तोमर ने कहा कि भाजपा, असम गण परिषद (एजीपी) और यूनाइटेड
पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ जल्द ही बैठक करेगी। एजीपी विधायक
दल ने भी रविवार को बैठक की। पार्टी ने घोषणा की कि वह भाजपा विधायक दल द्वारा निर्वाचित नेता का
समर्थन करेगी।
बीजेपी ने 126 सदस्यीय असम विधानसभा में 60 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि उसकी गठबंधन सहयोगी
असम गण परिषद से नौ और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल ने छह सीटें जीतीं है। बीजेपी ने चुनाव से पहले
मुख्यमंत्री पद के अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की थी। ऐसे में नए मुख्यमंत्री पर फैसले के लिए बीजेपी
आलाकमान ने सर्बानंद सोनावाल और हेमंत बिस्व सरमा को दिल्ली बुलाया था। दोनों नेताओं ने कल दिल्ली में
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के एक के बाद कई मुलाकात की थी।
इससे पहले असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने अपना इस्तीफा राज्यपाल जगदीश मुखी को सौंप दिया था।
असम में बीजेपी विधायक दल की बैठक से पहले सर्बानंद ने इस्तीफा दे दिया था। खबर है कि आज शाम को हेमंत
बिस्‍वा शर्मा राज्‍यपाल जगदीश मुखी से मुलाकात करेंगे। इस बार के विधानसभा चुनाव में सर्बानंद सोनोवाल ने
माजुली सीट से कांग्रेस नेता राजिब लोचन पेगू को 43,192 मतों के अंतर से हराया था। सर्बानंद सोनोवाल ने इस
सीट से लगातार दूसरी बार जीत हासिल की है। वहीं बीजेपी नेता हेमंत बिस्वा शर्मा ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस
के रोमेन चंद्र बोरठाकुर को 1,01,911 मतों के अंतर से हराकर जालुकबारी सीट पर कब्जा बरकरार रखा है।
कौन हैं हिमंत बिस्वा सरमा
हिमंत बिस्वा सरमा असम की जालुकबारी विधानसभा सीट से लगातार पांचवीं बार विधायक बने हैं। इस बार
उन्होंने 1 लाख 1,911 वोटों के बंपर मार्जिन से जीत दर्ज की है। 2015 में हिमंत बिस्वा सरमा ने बीजेपी को
जॉइन किया था। राज्य में प्रभाव के मामले में वह सोनोवाल से किसी मायने में कम नहीं हैं। 2016 के विधानसभा
और 2019 के लोकसभा चुनाव में असम में बीजेपी की जीत के साथ ही हाल में सीएए विरोधी प्रदर्शन और कोरोना
के हालात को संभालने में उनकी अहम भूमिका रही है। 2016 में असम विधानसभा चुनाव जीतने के ठीक बाद
हिमंत को बीजेपी ने नॉर्थ-ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (नेडा) का अध्यक्ष बनाया था। इसके बाद उन्होंने पूर्वोत्तर के कई
राज्यों में बीजेपी को सत्ता तक पहुंचाने में बड़ा योगदान दिया।

वकालत से सियासत तक का सफर
1 फरवरी 1969 को गुवाहाटी में पैदा हुए बिस्वा सरमा के परिवार में मां मृणालिनी देवी, पत्नी रिनिकी भुयान और
दो बच्चे हैं। कामरूप अकादमी से शुरुआती पढ़ाई के बाद उन्होंने कॉटन कॉलेज गुवाहाटी में दाखिला लिया।
पॉलिटिकल साइंस में पीजी बिस्वा सरमा छात्र जीवन से राजनीति में सक्रिय रहे। 1991-92 में वह कॉटन कॉलेज
गुवाहाटी के जनरल सेक्रेटरी बने। वहीं गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से एलएलबी (कानून) और गुवाहाटी कॉलेज से पीएचडी
की डिग्री ली। 5 साल तक उन्होंने गुवाहाटी हाई कोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस की। मई 2001 में वह पहली बार
जालुकबारी सीट से जीते। असम की पिछली सरकारों में वह वित्त, कृषि और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण जैसे
अहम विभागों के मंत्री रहे। वहीं असम बैडमिंटन असोसिएशन के प्रेसिडेंट और असम क्रिकेट असोसिएशन के वह
वाइस प्रेसिडेंट के पद पर भी काबिज हुए। तत्कालीन सीएम तरुण गोगोई से विवाद के बाद जुलाई 2014 में उन्होंने
कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button